बिवी ने दोस्त के जवान लड़के से छत पर चुदवाया -
मेरा नाम कबीर है, मैं महाराष्ट्र का रहने वाला हूॅं, पर बिजनेस के चलते मैं राजस्थान के जोधपुर में रहता था, और कुछ कारणों से हमें अपना बिजनेस महाराष्ट्र में शिफ्ट करना पड़ा। और उस सिलसिले में जो कहानी घटी है, मैं आपको सुनाने जा रहा हूं।
मेरी एज ४२ साल है, और मेरी बिवी की एज ३५ साल है। उसका नाम सुमन है। दिखने में सुंदर, रंग गोरा, हाइट साडे पांच फिट है। ३४-३०-३८ साइज होगा। हमे दो लड़के हैं, बड़ा लड़का ग्यारहवीं में पढ़ता है, और छोटा आठवीं में। हमारी सेक्स लाइफ बहुत ही अच्छी, माने तो खुब रही, पर फिर भी पता नहीं क्यों, उम्र के इस पड़ाव पर सुमन का मन क्यों डोला?
मेरा एक बिजनेस पार्टनर है, मेरे से चार साल बड़ा है, उसका भी लड़का बारहवीं पास है, नाम है आदी। आदी की हाइट छह फिट से ज्यादा है और शरीर भी बहुत भरा है, नब्बे किलो वजन है उसका।
हम सब अपने अपने गांव में शिफ्ट होने वाले थे, तो पहले हमने अपनी जोधपुर वाली प्रोपर्टी बेच दी, और महाराष्ट्र में अपने-अपने शहर में खुद की सेपरेट दुकानें खोली।
अब हमें यहां जोधपुर से महाराष्ट्र में शिफ्ट होना था। पहले मेरे पार्टनर की फॅमिली जा रही थी, और एक हफ्ते के बाद हम भी जाने वाले थे, बाय रोड, अपनी खुद की कार से। मेरा पार्टनर और उसकी फॅमिली ट्रेन से जा रहे थे, तो उनको स्टेशन छोड़ने मैं और मेरी बीवी सुमन कार लेके गये थे। ट्रेन प्लेटफार्म पर लगी थी। हमने उनका सामान रखने में उनकी हेल्प भी की।
ट्रेन छुटने के पहले मैंने एक चीज नोटिस करी, की सुमन और आदी बहुत क्लोज होकर बात कर रहे हैं, चिपक कर खड़े हो रहे हैं, कभी कभी वे एक दुसरे का हाथ अपने हाथों में लेते थे। वैसे तो आदी सुमन को आंटी कहकर बोलता था, इसलिए किसी को कोई शक नहीं हो रहा था। मैंने भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया। पर मुझे वह हरकत खटकी जरूर।
जब ट्रेन छुट रही थी तब वे दोनों गले मिलने के बहाने, झप्पी पा कर एक दूसरे से चिपक कर काफी देर तक हग करते रहे। तब मुझे यकीन हो गया की, दाल में काला नहीं, बल्कि पुरी दाल ही काली है। उनके जाने के बाद हम वापस घर लौट आए।
एक सप्ताह के बाद हम अपनी कार से, होम टाउन के लिए निकले। हमारे शहर से सौ किलोमीटर पहले एक शहर में मेरा पार्टनर रहता था। हमे थकान हो रही थी, इसलिए हम उनके घर में हॉल्ट करने चले गये। रात को मैं और मेरे दोस्त बैठकर काफी शराब पी, और खाना खाकर सो गए। सुमन भी मेरे पास में आकर सो गई। रात एक बजे मुझे जोर से पेशाब आ गया।
मैं पेशाब करने उठ गया तो सुमन वहां नहीं थी। मैं पहले तो बाथरूम में जाकर खाली हो गया, फिर मैं सुमन को देखने के लिए रूम से बाहर निकल आया। ड्रॉईंग रूम में भी कोई नहीं था। मैं बच्चों के रूम में चला गया , पर वो वहां पर भी नहीं थी। सारे घर में देखा पर वो नहीं मिली। आदी भी कहीं दिखाई नहीं दिया , तो मुझे शक होने लगा की दोनों मिलकर प्रोग्रॅम तो नहीं कर रहे??
फिर मैं उपर टेरीस पर गया। पहले तो अंधेरे में मुझे कुछ दिखाई नहीं दिया पर पाणी की टंकी की आड़ में कुछ हलचल और आवाजें आ रही थी।
मैं दबे पांव धिरे धिरे टंकी की दुसरी तरफ जाकर निचे बैठ गया। फिर हल्के से झांककर देखा तो, सुमन घुटनों पर कुत्ती बनी थी, उसकी बड़ी गांड़ मेरी तरफ और मुंह दूसरी तरफ था।
नाइटी पिठ तक उपर उठी थी, पॅंन्टी निचे घुटनों में खिसकी थी और आदी सुमन पर पिछे से चढ़ा हुआ था, मुझे साफ़ दिख रहा था की सुमन की झांटेदार चुत में आदी का मोटा और भारी-भरकम लंड घुसा हुआ था।
आदी किसी जर्मन शेफर्ड कुत्ते की तरह सुमन को चोद रहा था। सुमन हल्के हल्के आहे भर रही थी। आदी ने उसके दोनों मम्मे थामे थे, और उनको रगड़ भी रहा था। कुछ देर चोदने के बाद आदी सुमन की चुत में ही निकल गया। थोड़ी देर वो सुमन के उपर ही पड़ा रहा, जैसे कुत्ते का फंसने के बाद अटके रहते हैं।
सुमन जरा भी नहीं हिली, गांड़ को पिछे की ओर तककर, आदी का पुरा भार अपने चुथड और पिठ पर सहारकर रखी थी। सही कहते हैं, औरत की कमर में बहुत ज्यादा ताकत होती है। वो अभी भी अपनी चुत को लंड की तरफ धक्का मार रही थी। शायद उसका अभी हुआ नहीं था। आदी निढाल होकर उसके उपर पड़ा था। मैं धिरे धिरे वहां से निकल कर निचे आया और बेड पर लेट गया। मेरा लंड खड़ा था। उसे अब चुत की जरूरत थी।
करीब दस मिनट बाद सुमन रूम में आ गई और मेरे बगल में आकर करवट लेकर सो गयी। उसको पता नहीं था की मैं भी जग रहा था। मेरा दारू का नशा पुरी तरह गायब था और मुझपर अब वासना का नशा चढ़ा हुआ था। सुमन का चेहरा दुसरी तरफ था, गांड़ मेरी तरफ, उसकी मोटी गांड़ मुझे बहुत सेक्सी लग रही थी। मैं अब सुमन को चोदना चाहता था, पर वो अभी अभी भारी-भरकम लंड से चुदकर आयीं थी, पर लग रहा था अभी भी प्यासी हो। जल्दबाजी में आदी ज्यादा टिक नहीं पाया था। मैं पंधरा बीस मिनट लेटा रहा , फिर धिरे से उसकी और करवट लेकर थोड़ा आगे खिसक गया।
मैने सुमन की गांड़ पर हाथ फिराया पर उसकी कोई हरकत नहीं हुई। मैने धिरे धिरे उसकी नाईटी ऊपर कमर तक चढ़ा दी, और पिछे से पॅंन्टी पर से चुत पर हाथ फिराया तो पॅंन्टी पूरी गीली थी। चिपचिपा माल पॅंन्टी को लगा था। मैने धिरे धिरे करके पॅंन्टी निकालकर साइड में रखी, सुमन की बालों वाली गीली चुत और गांड़ मेरे सामने थी। चुत से अभी भी आदी का माल रीस रहा था।
मैने पिछे से उसकी चुत को फैलाकर उसमें अपनी जीभ लगाई और चाटने लगा। मेरे उपर अब वासना का भूत चढ़ा था, चुत से काफी माल बह रहा था , मैंने उसे चाट कर साफ़ किया और धिरे से अपना लंड चुत में फसा दिया। सुमन अभी भी नहीं हिली। फिर मैंने उसके मम्मे पर हात रखकर दबाया और पिछे से लंड को अंदर-बाहर करने लगा तब जाकर सुमन के मूंह से हल्की सी सिसकारी और स्स्स्स् की आवाज आने लगी। उसने मेरे हाथ को अपने मम्मे पर दबाया और अपनी कमर को मेरे लंड पर जोर जोर से दबाकर बोली, चोदो मुझे जोर जोर से चोदो।
फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और चोदना शुरू किया। थोड़ी देर बाद उसने मुझे हटाकर अपने उपर लिया और चुदवाने लगी। दस मिनट में मैंने भी अपना माल सुमन की चुत में निकाला और सो गया। अगले दिन हम अपने घर पहुंच गए। उसके बाद वे दोनों फोन पर सेक्सी चॅटींग भी करते हैं, रोज।
मैं अभी तक उनको कुछ नहीं बोला हूॅं। मैने सुमन को चुत और गांड़ के फोटोज आदी को भेजते हुए भी देखा है। आदी भी अपने लंड को टाईट करके फोटोज़ निकालकर सुमन को भेजता रहता है। जब आदी के खड़े लंड को देखकर सुमन रात को या दिन में गरमा जाती है तब मैं उसका पूरा फायदा लेता हूं। और सुमन की अच्छी चुदासी करता हूं।